Saturday, 10 January 2015

देव देखो खंजर उठाया है


देव क्यों बैठा मौन
देव देख! ये हैं कौन
अपने को तेरे दूत कहने वाले दानवी झुण्ड धरती पर क्यों आया है
देख कैसा त्राहिमाम मचाया है।

राक्षश ये हृदय विहीन
विवेक रहित संवेदन हीन
खंजर की धार पर किस भगवान किस धर्म की पैरवी करने वाले हैं
ये जो मानवता का गाला घोंटने वाले हैं।

बुद्ध ईशा तु पीर पैगम्बर
राम कृष्ण तु धरा अम्बर
अमानुषता की किताब लिखी नहीं तुमने फिर ये पाठ किसने पढ़ाया है
किसने इनको भरमाया है।

विनाश का यह तूफ़ान
हस्ती मिटाने वाला फरमान
धरती तो बची रहेगी, खुद ही खुद को मिटाने का बेड़ा इन्होंने उठाया है
देख जिन्होंने खंजर उठाया है।

रचना:- बलबीर राणा 'अडिग''
© सर्वाधिकार सुरक्षित मेरे ब्लॉग 'अडिग शब्दों का पहरा' में
http/www.balbirrana.blogspot.com

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